12.06.202017:07 विदेशी मुद्रा विश्लेषण और समीक्षा: डॉलर और COVID-19: स्पष्ट जीत

Long-term review

Exchange Rates 12.06.2020 analysis

अमेरिकी करेंसी के लिये यह एक विडंबना वाली स्थिति है: विशेषज्ञों के अनुसार, COVID-19 महामारी अब अमेरिकी डॉलर के लिये फायदेमंद साबित हो रहा है। जैसे जैसे इन्फेक्शन बढ़ता जा रहा है, वैसे वैसे निवेशक डॉलर की तरफ भाग रहे हैं जिससे इसके कोट्स बढ़ रहे हैं।

शुरुआती अनुमानों के अनुसार, अगर इस महामारी की दूसरी लहर आती है तो डॉलर को अतिरिक्त पॉइंट्स मिलेंगे, जिससे फेड की पिछली मीटिंग के बाद इसमे और भी मजबूती आयेगी। फेड को मीटिंग ने अमेरिकी मुद्रा के डायनामिक्स को हिला कर रख दिया, हालाँकि यह इसे निचे गिरा नही पाया। आपको याद दिलाते हैं कि फेडरल रिजर्व के प्रमुख, जेरोम पॉवेल का भाषण नरम या "डूविश" निकला, ब्याज दर को समान स्तर पर छोड़ दिया गया, और रेगूलेटर की वित्तीय योजना से फेड के बैलेंस को अभी की गति से चलने में मदद मिली।

इस सप्ताह के अंत में, मार्केट ने रेगूलेटर की "डोविश" बयानबाजी का समर्थन किया, लेकिन वित्तीय प्रोत्साहन डॉलर के लिये अप्रत्याशित रूप से चौकाने वाला था। यह यूरोपियन करेंसी के साथ हीं नीचे गिरा, हालाँकि यूरोपियन मुद्रा ने मौका देखते हुए खुद को संभाल लिया। यूरोकरेंसी ने 0.1% जोड़ा, जिससे इसके द्वारा अपने अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी से आगे निकलने की संभावना ज्यादा हो गयी।

फ़ेडरल मीटिंग के पहले EUR/USD जोड़े की अस्थिरता हद से ज्यादा हो गयी लेकिन अब यह नार्मल हो गया है। शुक्रवार जून 12 की सुबह इंडिकेटेड जोड़ा 1.1307 - 1.130 के रेंज में ट्रेड कर रहा था। मार्केट में पिछले 1.1385 - 1.1385 से काफी तेज गिरावट दिखी। बाद में, EUR / USD जोड़ी 1.1312 - 1.1313 के स्तर पर चली गई। ध्यान देने की बात है कि बुधवार, 10 जून को, यह जोड़ी एक बड़े स्तर पर पहुंच गई - 1.1422, पिछले तीन महीनों का यह एक रिकॉर्ड स्तर है।

शुरुआत में फेड का बयान शांतिपूर्ण था, लेकिन फिर इसने मार्केट में हड़कंप मचा दिया, जिससे जोखिम भरी भावना की लहर शुरू हो गई। वर्तमान स्थिति ने डॉलर को कमजोर कर दिया, जिससे अन्य मुद्राओं को मौका मिला। यूरो के अलावा, येन और स्विस फ्रैंक ने विकास के अवसर का लाभ उठाया। हालांकि, जैसे ही अमेरिकी मुद्रा ठीक होने लगी, इसने आज के कुछ नुकसानों को वापस जीतने में कामयाबी हासिल की।

COVID-19 महामारी ने अमेरिकी मुद्रा को अप्रत्याशित रूप से समर्थन दिया। यह करेंसी और इसके साथ के दूसरे रक्षात्मक एसेट वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती हुई आशंकाओं के बीच तेजी से ऊपर चढ़ने लगे। इसका कारण है अमेरिका में दर्ज हुये कोरोनोवायरस महामारी की दूसरी लहर के संकेत। विशेषज्ञों की माने तो अमेरिका में COVID-19 में फिर से वृद्धि की आशंका ने डॉलर को मजबूत किया है। अतः, यह तेजी से दूसरी मुद्राओं के मुक़ाबले ऊपर चढ़ा। विशेषज्ञ मानते हैं की डॉलर का यह ऊपरी ट्रेंड भविष्य में भी जारी रहेगा।

इससे पहले, विशेषज्ञों को भय था की नस्लीय भेदभाव के खिलाफ अमेरिका में जारी बड़े स्तर के विरोध प्रदर्शन से COVID-19 के केस में तेजी से वृद्धि होगी। हालाँकि, यह नही हुआ, और हम कामना करते हैं कि स्थिति हाँथ से नही निकले। लेकिन एक समस्या है: डॉलर का समर्थन करने वाले अधिकांश फ़ैक्टर से डॉलर "बुल" को यूरो के साथ रैली करने में मदद नही मिली।

COVID-19 महामारी से स्पष्ट जीत के बावजूद, डॉलर को निकट भविष्य में फेड के प्रोत्साहन उपायों का सामना करना होगा, जिससे इसमे कमज़ोरी आती है। विश्लेषकों के अनुसार, यह ट्रेंड जारी रहने वाला है और डॉलर को फेड की गतिविधियों के कारण अल्पकालिक गिरावट और महामारी की स्थिति के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा, और यह लगभग 2022 तक जारी रहने वाला है।

Larisa Kolesnikova स विश्लेषणात्मक विशेषज्ञ द्वारा प्रदर्शन किया
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